August 12, 2026

बुढ़ापा एक क़ैदख़ाना है

 

बुढ़ापा कोई हम-मानीनहीं बुज़ुर्गी2 का

न ही खिरदमन्दीका कोई सबूत है यह

न तो किसी आदर मान की गवाही है

न यह इजाज़त-नामा4 किसी तरह का है

बुढ़ापा  गारन्टी पत्र है  मुरव्वत5 का

ठगी है खुद से ही ऐसा सोच भी लेना

 यकीन कर लेना खुश-गुमान6 नादानी7

कमी नहीं ऐसे बद-दिमाग़8 लोगों की

हिक़ारती9 नज़रों से जो देखते हैं बस​

ख़ुश नहीं होते  कभी भी देख बूढों को

बिना वजह उन पर खीझते भड़कते हैं

जलन के मारे ही उन से खार खाते10 हैं

कभी कभी कुछ सादा दिलों के मालिक गो11

हैं देखने में आ जाते महव12 ख़िदमत13 में

बुढ़ापा तो सच में एक क़ैदख़ाना है

जवानपन बालापन14 के सब गुनाहों की

सज़ा जहां पर हर इक है भोगनी पड़ती

न तो मुआफ़ी कोई न ही फ़राग़त15 कोई

सज़ाएँ चलती हैं आख़िरी दमों तक भी

गुनाह की सख्ती ही सज़ा त करती है

किसी किसी को ज़ेहनी16 किसी को रूहानी17

किसी को जज़्बाती18 या  अज़ाब19 जिस्मानी20

कई तरह के अमराज़21 लगते हैं इन को

कई अनाड़ी हत्थे पे चढ़ ही जाते हैं

बनावटी बाबाओं के और हकीमों के

कई दफ़ा कुछ एक डाकटर हैं ठग लेते

गज़ब की दोधारी22 है ह नींद बूढ़ों की

किसी को दो पल को भी नहीं आती

कोई अबस  है बस नींद में चला करता

खराब टोनी के रेटिना हैं दोनों हुए

अली रजा की आँखों में उतरा मोतीया

दिनेश बिस्तर से खुद से उठ नहीं पाता

घिसा लिए कल पुर्ज़े बहुत से तोड़े भी

दया नहीं कर पाता कोई  उठक बैठक

सदाशिव अब कुछ भी सुन नहीं पाता

कृपा क्षमा तुतला कर ही बोल सकती हैं

हरीश को अल्सर दीपिका को ब्रेस्ट कैंसर

रवीश को लकवा  लालु को मिरगी

सतीश अपने माज़ी23 में खोया रहता है

सभी पुरानी बातों को याद करता है

अनिल उलट इसके एक दम भुलक्कड़ है

बड़ी ही जलदी हर बात भूल जाता है

बहुत बड़ी आबादी है रोगी बूढों की

सजा बुढ़ापे की होती है मिली जिन को

सज़ा अकेले किसी बूढ़े को नहीं मिलती

​बराबर का हिस्सा परिवार पाता है

जा जा दवाखानों में और अस्पतालों में

हैं ऊब थक जाते निचुड़ ही जाते हैं

नई नई कोशिश फिर भी करते हैं रहते

जहां कहीं आशा की किरन नज़र आए

वहां पे दौड़े दौड़े पहुँच जाते हैं

किसी किसी को मिलती नहीं मदद कोई

    बेशुमार24 लोगों का कोई नहीं वली वारिस 25 

सभी को बस इतना ही समझना है

दवाओं से हीं बेहतर दुआएं होती हैं

अपार शक्ति है राम नाम सिमरन में

हरी भजन ही ​ मुक्ति का एक साधन  है

Glossary

1. हम मानी : Synonym

2. बुज़ुर्गी : saintliness,  wisdom, seniority

3. खिरदमंदी : Sagacity, wisdom 

4.जाज़त नामा: Permission letter

5. मुरव्वत : respect, regard, honour

6. ख़ुशगुमान : vainly hopeful, presumptuous

7. नादानी: Ignorance

8. बद-दिमाग़: discontented, hard to please

9. हिक़ारती: scornful, contemptuous

10.खार खाना : feel jealous, envious

11. गो: though 

12. महव: busy, engrossed

13.ख़िदमत: service 

14. बालापन:  Youth 

15. फ़राग़त: respite

16. ज़ेहनी :mental 

17. रूहानी: Spiritual 

18 . जज़्बाती: sentimental 

19.अज़ाब: affliction, torture, pain

20. जिस्मानी: Physical 

21. अमराज़: diseases 

22,दोधारी: double edged, dual charactered  

23. माज़ी: Past 

24.बेशुमार: innumerable

25. वली वारिस: parents, care takers


July 7, 2026

भूत बंगला है इक मेरा माज़ी - My past is a haunted house

 

भूत बंगला है इक मेरा माज़ी1

जिसमें मैं झांकने से डरता हूँ

 रूह भी मेरी कांप जाती है

जब कभी पास से गुज़रता हूं

 ऐसी आवाज़ें आती रहती हैं

ग़मों की दास्तानें कहती हैं

 आह-ओ-नाले2 सुनाई देते हैं

रहम की जो दुहाई देते हैं

 धुआं सा उठता जान पड़ता है

शोला कोई कही भड़कता है

 मेरे माज़ी के घुप अंधेरे में

रोशनी का कोई निशान नहीं

 कहीं कुछ भी नज़र नहीं आता

घूरते ताकते हुए लाचार

आँखें थक जाती हार जाती हैं

 कभी भूले से कोई बेबस3 लौ4

डरी सहमी सी टिमटिमाती है

 थका हारा बग़ैर बालन5 के

दिया जलता है फिर से बुझता है

 कभी  माज़ी का भूत बंगला यह

लगने लगता है एक अजाइब-घर6

 कितनी सारी जहां नुमाइशें7 हैं

चुनी तस्वीरों की नुमाइश में

 नज़र आती हैं कुछ हसीनाएं

ख़ुद-पसंदी8 ही जिनकी शोहरत9 है

 बद-मिज़ाजी10 ही जिनकी फ़ितरत11 है

टूटी फूटी  अधूरी नाकारा12

 रद्दी13 चीज़ों की इक नुमाइश है

हसरतें अरमां ख़्वाब उम्मीदें14

 सारे ज़ीनत15 हैं इस नुमाइश की

बुतों  की पुतलों की  नुमाइश है

 ख़ास लोगों के पुतले शामिल हैं

बॉस की चापलूसी में माहिर16

 छोटों को बेजा17 डांटने वाले

ज़ुल्मी लोगों को  शर्फ़18 हासिल19 है

 पुतले बस उनके  हों नुमाइश में

चंद20 चीज़ें सुकूँ21 भी देती हैं

 इक नुमाइश में कुछ निशानियां हैं

उन ख़ुशगवार21 बीते वक्तों की

जो कभी  मेरे हिस्से आए थे

चाहे कमज़ोर है चमक इनकी

धूल मिट्टी में लिपटे रहने से

फिर भी  यह  दिल को जगमगाती है

राह जीने की दिखला जाती है

भूत बंगले से डर तो लगता है

झांकना  भी मगर ज़रूरी है

राह ए मंज़िल22 वहीं से जाती है

 

Glossary

1. माज़ी: Past

2. आह-=नाले: sigh and lamentations

3. बेबस: helpless

 4. लौ: light / flame

5. बालन: fuel, lamp oil

6. अजाइब-घर: Museum

7. नुमाइशें : Exhibitions

8. ख़ुद-पसंदी: Self-praise, vanity, Conceit

9. शोहरत: fame

10. बद-मिज़ाजी: ill temper, bad manners

11. फ़ितरत: nature, disposition

12. नाकारा: useless

13. रद्दी: discarded, waste, trash

14. हसरतें अरमां ख्वाब उम्मीदें:  desires, wishes, dreams, expectations

15.  ज़ीनत: adornment, ornament, grace 

16. माहिर: expert

17. बेजा: unlawfully, unjustifiably

18.शर्फ़: honour, privilege

19. हासिल: available

20. चंद: a few

21. सुकूँ: peace, satisfaction

22. ख़ुशगवार:  pleasant

23. राह--मंज़िल: road to destination


December 20, 2025

सादा दिली मेरी फ़ितरत है

सादा दिली मेरी फ़ितरत1 है

खामी2 है या खूबी है

ताक़त है कि कमज़ोरी

अच्छाई या बुराई है

इसका मुझको ज्ञान नहीं

कोई चिन्ता भी नहीं मुझको

इसकी बदौलत3 ही मैं हूँ

पहचाना भी जाता हूं

विरसे4 में अपने बुज़ुर्गों से

नेमत5 मैंने पाई है

माल--ज़र6 नहीं चाहा कभी

मालामाल हुआ फिर भी

यह दौलत जो आई है

 

नाज़ है इस सादा दिली पर

कोई पशेमानी7 नहीं है

सादा दिली तनहा8 नहीं आई

उसके हमजा9 भी आए हैं

नर्मदिली10 औ फ़राख़दिली11

सन्तुष्टि धीरज बर्दाश्त

त्याग दया  बलिदान क्षमा

सेवा ख़िदमत का जज़्बा

छोटे बड़े  का पूरा लिहाज़

 

सादा दिल तो मैं बेशक़ हूँ

अक़्ल से पैदल भी नहीं  हूँ

जाने पहचाने ओछे

घात लगाए बैठे लोग

 

जब साज़िश कोई करते हैं

मैं पकड़ उनको लेता हूँ

ऐसे ही छोड़ भी देता हूं

आगे के लिए चेता कर

 

मैं शिव जी का उपासक हूँ

मुझ को लगता है शिव से

मुझ में आए हैं कुछ गुण

जल्दी खुश हो जाता हूँ

 

आंसु  पिघलाते हैं मुझे

मैं अपनी क्रोधाग्नि से

खुद भी डरा ही  रहता हूं

 

शिव की दया कृपा से अभी तक

मेरा अहित करने वाले

खुद ही खुद फ़ना12 होते गए हैं

जल कर स्वाहा  होते गए हैं

सादा दिल मैं  सदा उनकी

आत्मा की शांति के लिए

सच्चे मन से कामना करता हूं

 

 

Glossary:

1. फ़ितरत: Nature

2. खामी: fault, defect, shortcoming

3.बदौलत: owing to, because of

4. विरसा: legacy, Heritage

5. नेमत: boon, blessing

6. माल--ज़र: wealth, money

7. पशेमानी: regret, disgrace, remorse

8. तनहा: alone

9. हम-जा: isotopes, companions

10. नर्मदिली: soft heartedness

11. फ़राख़दिली: broad mindedness

12.फ़ना होना: to be destroyed


December 1, 2025

अच्छा लगता है हाथी का लक़ब

 

कुछ प्रेमी हैं मेरे बड़े ही खैरख़्वाह1 हैं

उनको लगता है वो जानते है मुझको

 उनकी फितरत2 से मैं तो वाक़िफ़ हूं

भरी दिल में मेरे तईं खुन्नस3 है

 फिर भी दावा तो ह ही किया करते हैं

कि भला ही मेरा वो चाहा करते हैं

 

मुझ को हाथी का लक़ब4 दिया है उन ने

मेरा हर ज़िक्र इसी नाम से होता है

 यह जान मुझे थोड़ी उत्सुकता5 हुई

इस नाम को चुनने का मंतिक़6 क्या था

 फिर अचानक  मुझ को यह एहसास हुआ

हाथी की उपाधि7 मेरे लिए सही है


कई  खामियां8  हाथी की  हैं मेरे अंदर

दिखने लगी है बड़ी सी अब तोंद मेरी

आँखें मेरी  कमज़ोर बहुत हो गईं हैं

 नकली लगे हैं अब तो सभी दांत मेरे

खाने के कम हैं दिखाने के ज़्यादा

 आसानी से उठ बैठ नहीं सकता

चल फिर सकता हूं बड़ी ही मुश्किल से

 चूँकि मुझें पूँछ नहीँ दी  विधाता ने

दुम को हिला के हाँ कहा नहीँ कभी  मैंने

 अपनी मर्ज़ी करता  हूं निरंकुश9  हूं


हाथी की खूबियां भी है कई मेरे में

 स्मरण शक्ति है अच्छी अभी तक मेरी

हर आवाज़ सुन सकते हैं कान मेरे

 कभी यकदम सूंड  बन उठती है क़लम मेरी

हमलावर को उठा कर इससे दे पटकता हूँ

 

जब भी  जाता हूँ  मैं  बाग़ीचे में

हव्वा बने फिरते हैं जो रंगे सियार10

मिलकर  पाले हुए कुत्तों पिल्लों के साथ

डरे सहमे दूर ही दूर से देखते है

 भभकी देते है  चिल पुं 11  मचाते है

मस्ती में इतराता चला जाता हूं मैं

 

अच्छा ही लगता है जब कुछ लोग मुझे

हाथी कहते भी हैं और  समझते भी

 

 Glossary

1. खैरख़्वाह: Well-wisher

2. फितरत: Nature

3. खुन्नस: ill-will, envy

4. लक़ब: Nickname

5. उत्सुकता: Curiosity

6.मंतिक़: Logic, reasoning

7. उपाधि: title

8.खामियां : short-comings

9. निरंकुश : uncontrolled, autocratic

10. सियार: Jackal

11. चिल पुं: mournful hue and cry