भूत बंगला है इक मेरा माज़ी1
जिसमें मैं झांकने से डरता हूँ
जब कभी पास से गुज़रता हूं
ग़मों की दास्तानें कहती हैं
रहम की जो दुहाई देते हैं
शोला कोई कही भड़कता है
रोशनी का कोई निशान नहीं
घूरते ताकते हुए लाचार
आँखें थक जाती हार जाती हैं
डरी सहमी सी टिमटिमाती है
दिया जलता है फिर से बुझता है
लगने लगता है एक अजाइब-घर6
चुनी तस्वीरों की नुमाइश में
ख़ुद-पसंदी8 ही जिनकी शोहरत9 है
टूटी फूटी
अधूरी नाकारा12
हसरतें अरमां ख़्वाब उम्मीदें14
बुतों की
पुतलों की नुमाइश है
बॉस की चापलूसी में माहिर16
ज़ुल्मी लोगों को शर्फ़18 हासिल19 है
चंद20 चीज़ें सुकूँ21 भी देती हैं
उन ख़ुशगवार21 बीते वक्तों की
जो कभी
मेरे हिस्से आए थे
चाहे कमज़ोर है चमक इनकी
धूल मिट्टी में लिपटे रहने से
फिर भी
यह दिल को जगमगाती है
राह जीने की दिखला जाती है
भूत बंगले से डर तो लगता है
झांकना
भी मगर ज़रूरी है
राह ए मंज़िल22 वहीं से जाती है
Glossary
1. माज़ी: Past
2. आह-ओ=नाले: sigh and lamentations
3. बेबस: helpless
4. लौ: light / flame
5. बालन: fuel, lamp oil
6. अजाइब-घर: Museum
7. नुमाइशें : Exhibitions
8. ख़ुद-पसंदी: Self-praise, vanity,
Conceit
9. शोहरत: fame
10. बद-मिज़ाजी: ill temper, bad
manners
11. फ़ितरत: nature, disposition
12. नाकारा: useless
13. रद्दी: discarded, waste, trash
14. हसरतें अरमां ख्वाब उम्मीदें: desires, wishes, dreams, expectations
15. ज़ीनत: adornment, ornament,
grace
16. माहिर: expert
17. बेजा: unlawfully, unjustifiably
18.शर्फ़: honour, privilege
19. हासिल: available
20. चंद: a few
21. सुकूँ: peace, satisfaction
22. ख़ुशगवार: pleasant
23. राह-ए-मंज़िल: road to destination