September 10, 2026

मज़लूम का शिकवा - Lament of the tormented

सितमगर1 तुझ से पहले भी यहां आए गए हैं

सितमगर तुम न पहले हो न ही तुम आखिरी हो


सितमकश2 मुझ से पहले भी यहां कुचले गए हैं

सितमकश मैं न पहला हूँ न ही मैं आखिरी हूँ


हिमायत करते हो डाकाज़नों3 चोरों ठगों की

मवाली4 गुंडे लुच्चे5 और पेशेवर6 गुनहगार

हैं तेरी  फ़ौज में भर्ती ये सब खूनी दरिंदे7


तुम्हारे पास है जो फ़ौज भूखे भेड़ियों की

लहू पीती है बेरहमी से हर कमज़ोर का यह


गरीबों नातवानों8 पर हो ताकत आज़माते

कमाई पाप की बेशरमी से हो तुम दिखाते


खुदा को याद रखते न हो उस से ख़ौफ़ खाते

उसी के नाम पे बेहयाई9  से हो हमले कराते


नुमाइंदे10 हो तुम शैतान के हो यह दिखाते

खुदा सब देखता है तुम यह सच हो भूल जाते

नहीं है इल्म तुम को ख़ातिमे11 की दास्तानों12 का


हलाकू गज़नी नादिर शाह ग़ौरी खिलजी तुगलक

मरे सारे के सारे कुत्तों से भी ज़्यादा बुरी मौतें


तुम्हारे ख़ातिमे का दिन भी मुकर्रर13 है बिला-शक़14


Glossary

1. सितमगर / सितमगार: Tyrant , Oppressor

2. सितमकश: Oppressed

3. डाकाज़न: Dacoit, robber

4. मवाली: vagabond, ruffian

5. लुच्चे: scoundrel, goonda

6. पेशेवर: professional

7. दरिंदा: predator, carnivore

8. नातवान: weak , feeble, powerless

9. बेहयाई: shamelessness

10. नुमाइंदे: agent, representative

11. ख़ातिमा: end  

12. दास्तान: story, tale, fable

13. मुकर्रर: fixed

14. बिला-शक़: undoubtedly