July 7, 2026

भूत बंगला है इक मेरा माज़ी - My past is a haunted house

 

भूत बंगला है इक मेरा माज़ी1

जिसमें मैं झांकने से डरता हूँ

 रूह भी मेरी कांप जाती है

जब कभी पास से गुज़रता हूं

 ऐसी आवाज़ें आती रहती हैं

ग़मों की दास्तानें कहती हैं

 आह-ओ-नाले2 सुनाई देते हैं

रहम की जो दुहाई देते हैं

 धुआं सा उठता जान पड़ता है

शोला कोई कही भड़कता है

 मेरे माज़ी के घुप अंधेरे में

रोशनी का कोई निशान नहीं

 कहीं कुछ भी नज़र नहीं आता

घूरते ताकते हुए लाचार

आँखें थक जाती हार जाती हैं

 कभी भूले से कोई बेबस3 लौ4

डरी सहमी सी टिमटिमाती है

 थका हारा बग़ैर बालन5 के

दिया जलता है फिर से बुझता है

 कभी  माज़ी का भूत बंगला यह

लगने लगता है एक अजाइब-घर6

 कितनी सारी जहां नुमाइशें7 हैं

चुनी तस्वीरों की नुमाइश में

 नज़र आती हैं कुछ हसीनाएं

ख़ुद-पसंदी8 ही जिनकी शोहरत9 है

 बद-मिज़ाजी10 ही जिनकी फ़ितरत11 है

टूटी फूटी  अधूरी नाकारा12

 रद्दी13 चीज़ों की इक नुमाइश है

हसरतें अरमां ख़्वाब उम्मीदें14

 सारे ज़ीनत15 हैं इस नुमाइश की

बुतों  की पुतलों की  नुमाइश है

 ख़ास लोगों के पुतले शामिल हैं

बॉस की चापलूसी में माहिर16

 छोटों को बेजा17 डांटने वाले

ज़ुल्मी लोगों को  शर्फ़18 हासिल19 है

 पुतले बस उनके  हों नुमाइश में

चंद20 चीज़ें सुकूँ21 भी देती हैं

 इक नुमाइश में कुछ निशानियां हैं

उन ख़ुशगवार21 बीते वक्तों की

जो कभी  मेरे हिस्से आए थे

चाहे कमज़ोर है चमक इनकी

धूल मिट्टी में लिपटे रहने से

फिर भी  यह  दिल को जगमगाती है

राह जीने की दिखला जाती है

भूत बंगले से डर तो लगता है

झांकना  भी मगर ज़रूरी है

राह ए मंज़िल22 वहीं से जाती है

 

Glossary

1. माज़ी: Past

2. आह-=नाले: sigh and lamentations

3. बेबस: helpless

 4. लौ: light / flame

5. बालन: fuel, lamp oil

6. अजाइब-घर: Museum

7. नुमाइशें : Exhibitions

8. ख़ुद-पसंदी: Self-praise, vanity, Conceit

9. शोहरत: fame

10. बद-मिज़ाजी: ill temper, bad manners

11. फ़ितरत: nature, disposition

12. नाकारा: useless

13. रद्दी: discarded, waste, trash

14. हसरतें अरमां ख्वाब उम्मीदें:  desires, wishes, dreams, expectations

15.  ज़ीनत: adornment, ornament, grace 

16. माहिर: expert

17. बेजा: unlawfully, unjustifiably

18.शर्फ़: honour, privilege

19. हासिल: available

20. चंद: a few

21. सुकूँ: peace, satisfaction

22. ख़ुशगवार:  pleasant

23. राह--मंज़िल: road to destination


3 comments:

Anonymous said...

Beautiful!

Vrinda said...

It is beautifully expressed and written!

Anonymous said...

Your poem is high-calibre. Simply excellent!